
इक लड़की थी अलबेली सी
हां मस्तानी अठखेली सी
प्यार भरा चेहरा था उसका
आंखें थी शर्मीली सी
बालों में घटाएं थी जैसे
उड़ती थी और बरसती थीं
खुशबू बदन से फूटती थी
जैसे फूल चमेली सी
चाल में उसकी जाने क्या था
आंखें पीछा करती थी
गली से मेरी गुजरती थी
दुनिया जान छिड़कती थी
हम भी देखा करते थे
पाने की दुआएं करते थे
हसरत थी उससे मिलने की
कुछ कहने की कुछ सुनने की
हर रोज उसी दरवाजे से
हम उसको देखा करते थे
था दिल में जो प्यार छुपा
कहने से उससे डरते थे
इक वक्त हुआ देखा न उसे
शायद अब वो न निकलती थी
इक रोज नजर थी उस पर पड़ी
उफ क्या लगती थी क्या दिखती थी
कान में झुमका, मांग में अफशां
दुल्हन जैसी लगती थी
19 comments:
बहुत रूमानी वर्णन है..अच्छा लगा पढ़ कर...
नीरज
बहुत दिलकश वर्णन !
खूबसूरती तो आपकी आँखों की भी है, जिन्होंने खूबसूरती को पहचाना !
हार्दिक शुभकामनाएं !
आज की आवाज
नयी अनुभूति हुई
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चर्चा । Discuss INDIA
बहुत दिलकश अन्दाज मे वर्णन किया है आपने ख्वाहिशे जब जवान होती है ,और की गहराई मे छिपी बाते इतनी ही सुन्दर होकर बाहर आती है .......अतिसुन्दर
अति सुन्दर कविता भी और तस्वीर भी आभार्
उफ क्या लगती थी क्या दिखती थी
उफ़ चित्र देखकर ही क्या लग रही है --- क्या दिख रही है!!
चित्र और रचना बहुत खूब
चित्र के साथ आपकी कविता भी अच्छी लगी ..आगे भी लिखते रहिये
उम्दा चित्रण!!
आप मेरे ब्लॉग पर आए और टिपण्णी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
मुझे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा! अब तो मैं आपका फोल्लोवेर बन गई हूँ इसलिए आती रहूंगी! आपने बहुत ही सुंदर कविता लिखा है!
बहुत खूबसूरत सचित्र चित्रण
रचना बहुत अच्छी लगी....बहुत बहुत बधाई....
बेहतरीन है अंदाज़-ए-बयां रज़ी साहब...
कलम अनंत की ओर बढ़ती रहे...
वाकई लाजवाब! हर एक पोस्ट में कमाल किया है
bahut sunder aur bhola sa varnan hai
bahut achhi nazm
दिल का हाल और खूबसूरत अदायगी
अछि कविता बन पड़ी है
आपकी नाजुक मिज़ाजी भी झलकती है
खुश रहिये
---मुफलिस---
आपकी कविताओ में गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है. इन्हें समझने में मैं असमर्थ हु....मतलब मैं केवल इन्हें पढ़ पा रहा हु.बहुत अच्छा लिखा है.आपके भविष्य के लिए शुभकामनाये....अमृत
ये लड़की सचमुच सुंदर है जो इतनी सुन्दर रचना को भी जन्म दी .बहुत सुन्दर .
bhaut sunder rachhna hai yakeenan wo ladki bhi sunder hogi aur ye pic hi bahut sunder lagi iska bada hai kya apke pass ya ayhi hai
badhayee
भोले से शब्दों से लिखी एक भोली सी रचना। बहुत प्यारी सी लगी आपकी यह रचना। और उतनी सुन्दर फोटो भी लगाई है आपने। आपके ब्लोग पर कई फोटो अच्छी है कहाँ से ली है।
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