Pages

Friday, 24 June 2011

बिला उनवान

हुस्न ऐसा कि सच कहें गालिब
जिंदगी अपनी वार देते तुम

फिर अचानक से उसकी याद आई
लफ्ज़ तस्वीर में बदलने लगे
लोग पढ़ते रहे सलात व दुआ
हम तसव्वुर मे उनकी खोने लगे

5 comments:

sushma 'आहुति' said...

bhut hi pyari khubsurat rachna...

राकेश कौशिक said...

वाह - वाह

Sonalika said...

फिर अचानक से उसकी याद आई
लफ्ज़ तस्वीर में बदलने लगे
लोग पढ़ते रहे सलात व दुआ
हम तसव्वुर मे उनकी खोने लगे


.............
.............
khubsurt line

somali said...

bahut pyaari rachne

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

शुभ दीपावली,