
किसी को अपना बना लूं किसी का नाम बनूं
किसी की खुश्बू चुरा लूं किसी को महकाऊं
किसी की आंख में काजल की तरह बस जाऊं
किसी के लब से मुहब्बत का जाम पी करके
किसे की नरम सी बाहूं में जा के सो जाऊं
किसी की शौख़ अदा दिल को मेरे बहकाए
किसी को चाह लूं और वह भी मेरा हो जाए
किसी की बातों में हर पल मेरा ही ज़िक्र रहे
किसी की याद का जुगनू हमेशा साथ रहे
किसी के हुस्न को तस्वीर करके देखा करूं
किसी की ज़ुल्फ के साए में जी के मस्त रहूं
किसी का नाम मेरे दिल को हर पल धडकाए
किसी का ग़म मेरी पलकों पे आंसू धर जाए
किसी के सांसों की गर्मी बदन जलाती रहे
किसी के साथ जो हूं रात मुस्कुराती रहे
किसी के साथ चलूं रास्ते भी साथ चलें
कहीं अकेला चलूं मंज़िलें भी दूर लगें
किसी से दूर हूं धडकनों को कल ना हो
किसे के साथ हूं मुश्किलों मे ड़र ना हो
किसी के हाथ में हो हाथ दूर तक जाऊं
किसी का साथ जो छूटे तो शायद मर जाऊं
किसी की मांग में सिंदूर मेरे नाम का हो
किसी की जान मैं हूं कोई मेरी जान रहे
दुआ करो कि ये रिश्ता कहीं से बन जाए
ख़ुदा करे कि मुझे ऐसा कोई मिल जाए
9 comments:
बहुत खुब...दिल को छु लिया
'' किसी के हाथ में हो हाथ दूर तक जाऊं ''
अच्छी सोच है |
वजा फरमाया आपने ...
शुक्रिया ... ...
ख़ुदा करे आपको जल्दी से आपका साथी मिल जाए रज़ी साहब...
बहुत खूबसूरत रचना...
nice
mijhe nahi pata ki mere comment par koi response aaye ya na aaye. lekin shairi bahut achi lagi. aur bahut khushi huyee padhkar. habib
दुआ करो कि ये रिश्ता कहीं से बन जाए
ख़ुदा करे कि मुझे ऐसा कोई मिल जाए
रज़ी आज मैने ये ब्लाग अपनी लिस्ट मे डाल लिया है रोज़ भूल जाती थी। तुम्हें पढना बहुत अच्छा लगता है और ये रचना भी बहुत अच्छी है आशीर्वाद है कि तुम्हारे सपने पूरे हों ।
मेरे ब्लॉग पर आने के लिए और टिपण्णी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! मेरे इस ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है -
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com
बहुत सुंदर रचना लिखा है आपने जो दिल को छू गई! इस शानदार रचना के लिए बधाई!
दुआ है तुमको ऐसा कोई ज़रूर मिल जाए...
तब तक इंतज़ार का थोड़ा मज़ा लिया जाए...
दिल को छूती हुई ख़ूबसूरत रचना...
पढ़ाने के लिए शुक्रिया...
मुझे आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा ! आप बहुत ही सुन्दर लिखते है ! मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है !
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